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Home > Jobs > आधार कार्ड में AI से होती है ठगी – ऐसे बचें
Post Date: Monday 25 May, 2026 | 01:29:28 am


 



आधार कार्ड में AI से मोबाइल नंबर बदल रहे हैं ठग — राजस्थान में नई साइबर ठगी का खुलासा


क्या आपने कभी सोचा था कि एक फर्जी जॉब इंटरव्यू के ज़रिए आपकी आंखें स्कैन होकर आपका आधार कार्ड हैक हो सकता है? राजस्थान में ऐसी ही एक खतरनाक साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है — जो AI और Deepfake टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है।


Aadhar Card AI Cyber Fraud Iris Scan Deepfake Rajasthan 2026


आधार में मोबाइल नंबर बदलकर OTP और बैंक खाता हैक करने का नया तरीका। AI Deepfake आइरिस स्पूफिंग से ठगी — जानें कैसे बचें, राजस्थान साइबर क्राइम अलर्ट।


साइबर ठग AI और Deepfake से आपका आधार नंबर, मोबाइल और बैंक हैक कर सकते हैं। जानें यह नई ठगी कैसे होती है और खुद को कैसे सुरक्षित रखें।


क्या है यह नई साइबर ठगी?


साइबर अपराधी अब जॉब इंटरव्यू या e-KYC के बहाने लोगों की आंखों की पुतलियों (Iris) को स्कैन कर लेते हैं। फिर AI की मदद से एक नकली Deepfake वीडियो बनाते हैं जिसमें असली व्यक्ति की तरह पलकें झपकती हैं। इस वीडियो से वे आधार कार्ड में मोबाइल नंबर बदल देते हैं।



⚠ चेतावनी: एक बार मोबाइल नंबर बदलने के बाद आपके बैंक खाते, UPI, DigiLocker और ई-KYC — सब पर ठगों का कंट्रोल हो जाता है।



जयपुर की लड़की के साथ क्या हुआ?


जयपुर की 28 साल की एक युवती को एक निजी कंपनी के नाम पर ऑनलाइन इंटरव्यू का लिंक भेजा गया। वीडियो कॉल पर सामान्य सवालों के बाद उससे "फेस वेरिफिकेशन" के नाम पर कैमरे के सामने आंखें झपकाने और अलग-अलग एंगल में चेहरा घुमाने को कहा गया।


कुछ दिन बाद उसके मोबाइल पर e-KYC और डिजिटल वॉलेट एक्टिवेशन के मैसेज आने लगे। साइबर पुलिस की जांच में पता चला कि उसके नाम से फर्जी डिजिटल अकाउंट खोलने की कोशिश हो रही थी।


ठग आधार को कैसे निशाना बनाते हैं?


1सोशल मीडिया, डेटा लीक या फर्जी कॉल से आधार नंबर और फोटो जुटाते हैं।

2AI टूल से उस फोटो का Deepfake वीडियो बनाते हैं जिसमें पलकें झपकती दिखती हैं।

3Common Service Centre (CSC) लॉगिन का गलत इस्तेमाल या मिलीभगत से आधार अपडेट सिस्टम तक पहुंचते हैं।

4AI वीडियो से बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन पास कर मोबाइल नंबर बदल देते हैं।

5नंबर बदलते ही सारे OTP, बैंकिंग और UPI अपराधियों के पास जाने लगते हैं।

 

राजस्थान में पकड़ा गया फर्जी आधार रैकेट


17 अप्रैल 2026 को राजस्थान ATS और हनुमानगढ़ पुलिस ने भादरा में छापा मारकर एक अवैध आधार एनरोलमेंट सेंटर का भंडाफोड़ किया। मुख्य आरोपी कुलदीप शर्मा (28) के साथ DoIT विभाग के प्रोग्रामर दिनेश कुमार, असिस्टेंट प्रोग्रामर रामनिवास सोनी और संविदा कर्मी रवि शीला को भी गिरफ्तार किया गया।


क्या करें — अपना आधार सुरक्षित रखने के तरीके



  • अनजान वीडियो कॉल या ऑनलाइन इंटरव्यू में फेस स्कैन न करें।

  • UIDAI की वेबसाइट पर जाकर अपनी आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री नियमित चेक करें।

  • सोशल मीडिया पर आधार नंबर, हाई-रेज़ोल्यूशन फोटो और मोबाइल नंबर सार्वजनिक न करें।

  • आधार में बायोमीट्रिक लॉक फीचर का इस्तेमाल करें — इससे कोई भी बिना आपकी अनुमति बायोमीट्रिक नहीं दे सकता।

  • अनजान KYC कॉल पर कोई OTP या जानकारी शेयर न करें।



✅ UIDAI Biometric Lock: myAadhaar.uidai.gov.in पर जाकर अपना बायोमीट्रिक लॉक करें — यह सबसे मज़बूत सुरक्षा है।



निष्कर्ष


AI और Deepfake तकनीक ने साइबर ठगी को एक नए और खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। राजस्थान के करोड़ों लोग इस खतरे की ज़द में हैं। सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत शिकायत करें।



 तुरंत मदद लें


🔴 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 1930 (24×7 उपलब्ध)


🌐 ऑनलाइन शिकायत: cybercrime.gov.in


🔒 आधार बायोमीट्रिक लॉक: myAadhaar.uidai.gov.in