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Post Date: May 19, 2025 05:23 pm







IAS, IPS,  IFS क्या है?  देश कैसे चलता है? सिविल सेवा का A to Z, आसान भाषा में (PART-1)


नमस्ते युवा साथियों!


आज हम सिविल सर्विसेज़ (Civil Services) के बारे में ज़ीरो से शुरू करके बात करेंगे। अगर आप कभी सोचे हैं कि देश को चलाने वाले बड़े-बड़े अधिकारी (जैसे IAS, IPS वाले) कैसे बनते हैं, तो ये जानकारी आपके लिए ही है। हम सरल हिंदी में, स्टेप बाय स्टेप समझाएंगे। और हाँ, ये जानकारी 2025-26 तक की लेटेस्ट है। चलिए शुरू करते हैं!


सिविल सेवाएँ क्या होती हैं? (What are Civil Services?)


 कल्पना कीजिए कि हमारा देश एक बहुत बड़ा स्कूल है। स्कूल को चलाने के लिए कौन-कौन चाहिए?




  • एक प्रिंसिपल (जो हमारे प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री हैं), जो सबसे बड़े फैसले लेते हैं।




  • एक शिक्षक जो बच्चों को पढ़ाते हैं (जो हमारे सांसद/विधायक हैं, जो कानून बनाते हैं)।




 लेकिन, क्या प्रिंसिपल और शिक्षक हर छोटे काम को खुद करते हैं? जैसे कि...




  • स्कूल में सफाई हो रही है या नहीं?




  • बच्चों को खाना ठीक से मिल रहा है या नहीं?




  • स्कूल की नई बिल्डिंग बननी है, उसका काम कौन देखेगा?




 इन सब कामों को करने के लिए प्रिंसिपल को "स्टाफ" की ज़रूरत होती है—जैसे वाइस-प्रिंसिपल, क्लर्क, सुपरवाइज़र


 यही "स्टाफ" देश के लिए सिविल सेवाएँ हैं!


परिभाषा (Definition):


सिविल सेवाएँ (या Civil Services) लोगों का एक ऐसा समूह है जो सरकार के आदेशों और कानूनों को ज़मीन पर लागू करने का काम करता है। ये लोग सरकार के स्थायी (Permanent) कर्मचारी होते हैं। सरकार बदल सकती है, लेकिन ये अधिकारी वहीं रहते हैं और देश को चलाने में मदद करते हैं।




  • उदाहरण: जब सरकार कहती है कि "सभी बच्चों को मुफ्त किताबें मिलनी चाहिए", तो सिविल सेवक ही तय करते हैं कि किताबें कहाँ से आएंगी, उन्हें कौन बांटेगा, और वह योजना ठीक से काम कर रही है या नहीं।




📜 भारतीय सिविल सेवाओं का ऐतिहासिक विकास (Historical Development of Indian Civil Services)


भारतीय सिविल सेवाओं का इतिहास लगभग 250 वर्षों का है, जो 'नियंत्रण' से 'सेवा' के सिद्धांत तक की यात्रा है।


I. प्रारंभिक विकास: ईस्ट इंडिया कंपनी के अधीन (1786-1857)


यह वह दौर था जब कंपनी के व्यापारिक कर्मचारियों को प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ दी गईं।


1. लॉर्ड कॉर्नवालिस युग (1786-1793) 




  • पितामह: लॉर्ड कॉर्नवालिस को "भारत में सिविल सर्विसेज़ का जनक" (Father of Civil Services in India) माना जाता है।




  • मूल उद्देश्य: ईस्ट इंडिया कंपनी में फैले भ्रष्टाचार को कम करना।




  • प्रमुख सुधार:




    • वेतन वृद्धि: कंपनी के कर्मचारियों के लिए उच्च वेतन ताकि वे बेईमानी न करें।




    • निजी व्यापार पर प्रतिबंध: अधिकारियों को अपना निजी व्यापार करने से रोका गया।




    • पदोन्नति (Promotion): पदोन्नति में वरिष्ठता (Seniority) के सिद्धांत को अपनाया गया।






 


2. प्रशिक्षण और खुली प्रतियोगिता का विचार (1800-1857) 




  • 1800-1806: प्रशिक्षण: लॉर्ड वेलेजली ने अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए फोर्ट विलियम कॉलेज, कलकत्ता की स्थापना की। (बाद में इसे बंद कर दिया गया और लंदन में प्रशिक्षण शुरू हुआ)।




  • 1853: मैकाले समिति: लॉर्ड मैकाले की अध्यक्षता में बनी इस समिति ने सिविल सेवा में भर्ती के लिए 'खुली प्रतियोगिता' (Open Competition) प्रणाली का सुझाव दिया।




  • 1854: पहली परीक्षा: सुझावों के बाद, लंदन में पहली सिविल सर्विस परीक्षा आयोजित की गई।




 


II. ब्रिटिश क्राउन का शासन और ICS का गठन (1857-1947)


1857 के विद्रोह के बाद, भारत का शासन सीधे ब्रिटिश सरकार के अधीन आ गया।


1. गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1858 🇬🇧




  • मुख्य परिवर्तन:




    • ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया।




    • भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन (रानी विक्टोरिया) के अधीन आ गया।






  • गठन: इंडियन सिविल सर्विस (ICS) का औपचारिक गठन किया गया।




 


2. ICS की विशेषताएँ (The Steel Frame)




  • एलीट सेवा: यह मुख्य रूप से केवल ब्रिटिश अधिकारियों के लिए थी, जिन्हें प्रशासन में उच्च पद प्राप्त थे।




  • अखिल भारतीय चरित्र: यह सेवा पूरे भारत में काम करती थी, जिससे इसे 'अखिल भारतीय' (All India) प्रकृति मिली।




  • स्थायी और सुरक्षित: अधिकारियों को स्थायी और सुरक्षित सेवा शर्तें दी गईं।




III. भारतीयकरण की शुरुआत (Indianisation)


राष्ट्रवादी आंदोलनों के दबाव के कारण, अंग्रेजों को भारतीयों को उच्च पदों पर शामिल करना पड़ा।




  • 1863: पहले भारतीय ICS: सत्येंद्र नाथ टैगोर सिविल सेवा में चयनित होने वाले पहले भारतीय बने।




  • 1919: मॉन्टफोर्ड सुधार (Montford Reforms):




    • प्रावधान: ICS का आंशिक भारतीयकरण करने का निर्णय लिया गया।




    • आरक्षण: कुल पदों का 1/3 भाग भारतीयों के लिए आरक्षित किया गया।






  • 1922: भारत में पहली परीक्षा: भारतीयों की सुविधा के लिए पहली ICS परीक्षा भारत में (दिल्ली में) आयोजित की गई।




    • नोट: प्रारंभिक वर्षों में, अवसर केवल उच्च वर्ग के शिक्षित भारतीयों को ही मिल पाया।






 


IV. स्वतंत्रता के बाद का परिवर्तन (Post-Independence Era)


स्वतंत्रता के समय, सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश की एकता के लिए इन सेवाओं की महत्ता को समझा और इन्हें बनाए रखने का समर्थन किया।


1. 1947: संक्रमण और पुनर्गठन 🇮🇳




  • नाम परिवर्तन: ICS का नाम बदलकर IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस) कर दिया गया।




  • पुलिस सेवा: IPS (इंडियन पुलिस सर्विस) का गठन किया गया।




 


2. संवैधानिक दर्जा (Constitutional Status)




  • 1950 (संविधान लागू): भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312 के तहत अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) का प्रावधान किया गया, जो इन्हें एक संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है।




  • 1951: UPSC अधिनियम: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का गठन किया गया, जो वर्तमान में सभी सिविल सेवाओं की भर्ती का एकमात्र चैनल है।




 


V. सिविल सेवाओं का आधुनिक संदर्भ और चुनौतियाँ


सिविल सेवाएँ आज भी देश की 'स्टील फ्रेम' हैं, लेकिन उनके काम का दर्शन बदल गया है।






















आयाम ब्रिटिश काल का दर्शन स्वतंत्र भारत का दर्शन
मूल सिद्धांत नियंत्रण और शासन (Rule and Control) सेवा और विकास (Service and Development)
लक्ष्य टैक्स संग्रह और कानून बनाए रखना सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाएँ लागू करना।



  • आधुनिक चुनौतियाँ:




    • डिजिटल गवर्नेंस (E-Governance): शासन में प्रौद्योगिकी (Technology) का एकीकरण।




    • सामाजिक न्याय: समाज के वंचित वर्गों तक सरकारी लाभ पहुँचाना।




    • तीव्र शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन: बढ़ती आबादी और पर्यावरण संकट को संभालना।






  • वर्तमान स्थिति (2025):  UPSC अपनी स्थापना के 100वें वर्ष की ओर बढ़ रहा है। प्रशासन में ई-गवर्नेंस, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग और स्थानीय भाषाओं में परीक्षा की तैयारी पर जोर दिया जा रहा है।




📅 ऐतिहासिक विकास के महत्वपूर्ण बिंदु (सारांश)















































वर्ष घटना महत्व
1786 लॉर्ड कॉर्नवालिस द्वारा सुधार सिविल सर्विसेज़ की नींव रखी गई।
1853 मैकाले समिति प्रतियोगी परीक्षा की शुरुआत का सुझाव
1858 गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट ICS (इंडियन सिविल सर्विस) का गठन।
1919 मॉन्टफोर्ड सुधार सिविल सेवा के भारतीयकरण की शुरुआत
1922 भारत में पहली ICS परीक्षा भारतीयों के लिए अवसर भारत में शुरू हुए।
1947 स्वतंत्रता के बाद IAS/IPS का गठन और नाम परिवर्तन।
1950 संविधान लागू अखिल भारतीय सेवाओं को संवैधानिक दर्जा

अगले पार्ट में क्या-क्या शामिल होगा?
1. "UPSC इसका हिस्सा कैसे बना? (UPSC की कहानी)"
2. "Civil Services में कौन-कौन सी सर्विस शामिल है?"
3. "सिविल सेवक क्या-क्या काम करते हैं?"
4. "एक सिविल सेवक में क्या-क्या गुण होने चाहिए?"




📍 आप सभी के लिए विशेष संदेश:


प्रिय छात्रों, आप सभी का उत्साह देखकर बहुत प्रसन्नता हो रही है! याद रखें:


"सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, लेकिन रास्ता जरूर है"




  • अपना ध्यान रखें - स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है




  • नियमित अध्ययन - छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं




  • सकारात्मक सोच - हर दिन नया उत्साह




  • संतुलित जीवन - पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास




📍 आपसे अनुरोध: कमेंट में जरूर बताएं:




  1. कौन-सी सर्विस आपको सबसे अच्छी लगती है?




  2. सिविल सर्वेंट्स के बारे में आपका क्या विचार है?




  3. कोई विशेष जानकारी चाहिए?




हम आपके लिए पूरी मेहनत से अगला पार्ट तैयार करेंगे!


📚 तैयार रहिए... अगला पार्ट और भी रोचक होगा!


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